उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कई नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए 11,355 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है।
ऊर्जा भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक ने बताया कि निगम ने राजस्व संग्रह, बिजली हानि नियंत्रण, स्मार्ट मीटर स्थापना और सौर ऊर्जा विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
इसके साथ ही प्रदेश के 23 हजार परिवारों का बिजली बिल शून्य करने में भी सफलता मिली है।
यूपीसीएल ने भविष्य में उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की भी घोषणा की है।
निगम प्रबंधन कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए बोर्ड को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहा है, वहीं ठेका और उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मियों के हितों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा निगम की लापरवाही से होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
राजस्व और प्रदर्शन में नया रिकॉर्ड-
यूपीसीएल ने वर्ष 2025-26 में 11,355 करोड़ रुपये का सर्वाधिक राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में छह प्रतिशत अधिक है।
निगम ने एटी एंड सी (AT&C) हानियों को घटाकर 13.58 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है।
वर्तमान में बिलिंग दक्षता 87.92 प्रतिशत और कलेक्शन दक्षता 98.29 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर मानी जा रही है।
इन उपलब्धियों के आधार पर भारत सरकार की डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी रैंकिंग (DUR) में यूपीसीएल को विशेष श्रेणी वाले राज्यों में पहला और देश की सभी डिस्कॉम कंपनियों में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को लाभ-
राज्य में आरडीएसएस योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
जीनस पावर और अडानी ट्रांसमिशन द्वारा अब तक 7,05,417 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 42.8 प्रतिशत है।
स्मार्ट और प्रीपेड मीटर अपनाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को चार प्रतिशत तथा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने पर किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
साथ ही उपभोक्ता मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी बिजली खपत और भुगतान की पूरी जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे।
बिजली खरीद में 200 करोड़ रुपये की बचत-
यूपीसीएल ने बेहतर पावर परचेज मैनेजमेंट के जरिए वर्ष 2025-26 में बिजली खरीद पर लगभग 200 करोड़ रुपये की बचत की है।
निगम ने औसतन 4.19 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी, जबकि नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित दर 4.93 रुपये प्रति यूनिट थी।
इसके अलावा राज्य के 321 उपकेंद्रों में रियल टाइम डेटा एक्विजिशन सिस्टम (RT-DAS) लागू कर दिया गया है, जिससे बिजली आपूर्ति की ऑनलाइन निगरानी और फॉल्ट प्रबंधन में सुधार हुआ है।
पीएम सूर्य घर योजना से 23 हजार परिवारों का बिजली बिल शून्य-
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
योजना के तहत अब तक 1,39,400 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1,00,899 संस्थापन पूरे हो चुके हैं। इससे 363.04 मेगावाट क्षमता विकसित हुई है।
प्रदेश के 1,01,113 परिवारों को नेट मीटरिंग से जोड़ा जा चुका है। रूफटॉप सोलर परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से 23 हजार परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है।
योजना के तहत अब तक 791.77 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार ने यूपीसीएल को 13 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन भी दिया है।
सर्दियों में बिजली संकट नहीं आने देने की तैयारी-
आगामी सर्दियों में बढ़ने वाली बिजली मांग को देखते हुए यूपीसीएल ने 350 से 450 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की है।
अन्य राज्यों के साथ 150 से 180 मेगावाट ऊर्जा की एडवांस बैंकिंग की जा चुकी है, जिसे जरूरत पड़ने पर वापस लिया जाएगा।
इसके अलावा केंद्रीय पूल से 200 मेगावाट अतिरिक्त ऊर्जा आवंटित कराने की प्रक्रिया भी जारी है।
कर्मचारियों के हित में बड़े फैसले-
यूपीसीएल प्रबंधन ने कर्मचारियों के हित में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अवर अभियंता, लेखा और लिपिकीय संवर्ग के 32 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है।
जून 2026 तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर 75 कर्मियों को एसीपी और नियमितीकरण का लाभ दिया गया है।
उपनल के माध्यम से कार्यरत 1,905 कर्मचारियों के लिए पहले चरण में “समान कार्य-समान वेतन” के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
वहीं 75 सहायक लेखाकारों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा सहायक अभियंता, लेखाधिकारी,
विधि अधिकारी और ड्राफ्ट्समैन सहित 116 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।
इसके अलावा चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लगभग 450 मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया है और एनओसी जारी करने के लिए अधिकतम सात कार्य दिवस की समय सीमा निर्धारित की गई है।
कर्मचारियों के लिए एक्स-ग्रेशिया मुआवजा बढ़ाने का प्रस्ताव भी बोर्ड के विचाराधीन है।
यूपीसीएल प्रबंधन का कहना है कि निगम का लक्ष्य केवल वित्तीय उपलब्धियां हासिल करना नहीं,
बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं और कर्मचारियों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।
आने वाले समय में बिजली व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी तथा उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए कई नई योजनाओं पर काम किया जाएगा।