नेपाली मूल के भीम रोका द्वारा पुलिस चौकी घांघरिया में पहुंचकर सूचना दी कि शाम करीब 7 बजे कुछ नेपाली नागरिकों ने जंगली मशरूम का सेवन कर लिया था,
जिसके बाद उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई है। उन्हें उल्टी, लूज मोशन एवं तेज पेट दर्द की शिकायत हो रही थी,
और तत्काल उपचार न मिलने पर उनकी जान को खतरा हो सकता था।
रात अधिक होने के कारण घांघरिया गुरुद्वारे की डिस्पेंसरी एवं बाजार के मेडिकल स्टोर बंद थे।
वहीं, ज्योतिर्मठ अस्पताल भी काफी दूर होने के साथ करीब 10 किलोमीटर पैदल एवं उसके बाद 20 किलोमीटर वाहन से पहुंचना संभव था।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए चौकी घांघरिया में तैनात कानि गौरव सिंह नेगी, कानि भूपेंद्र सिंह नेगी,
होमगार्ड सचिन गुसाईं, होमगार्ड मनमोहन, पीआरडी विनोद, पीआरडी प्रेमचंद एवं पीआरडी रमेश तत्काल भीम रोका के साथ बीमार व्यक्तियों के डेरे पर पहुंचे।
पुलिस एवं अन्य कर्मियों ने बिना समय गंवाए चारों बीमार व्यक्तियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घांघरिया पहुंचाया।
चिकित्सक द्वारा सभी की स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
रातभर चले उपचार के बाद सभी के स्वास्थ्य में सुधार हुआ तथा 25 अगस्त की प्रातः करीब 06:00 बजे चिकित्सकीय परामर्श के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
काफी देर तक चले उपचार के बाद चारों व्यक्तियों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ।
चिकित्सकों द्वारा डिस्चार्ज किए जाने के बाद पुलिसकर्मी उन्हें सुरक्षित उनके डेरे तक लेकर गए और जंगली मशरूम अथवा किसी भी अज्ञात जंगली सब्जी का सेवन न करने की सख्त हिदायत दी गई।