विशेषImportance:- पितृ पक्ष में आज द्वितीया श्राद्ध: पूर्वजों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य का विशेष महत्व Panchur Varta28 September 202601 mins देहरादून, 28 सितंबर 2026। पितृ पक्ष के दौरान आज आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि का श्राद्ध किया जा रहा है। सनातन धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण का पर्व माना जाता है। इस अवधि में श्रद्धालु अपने दिवंगत पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध और दान-पुण्य कर उनकी आत्मा की शांति एवं मोक्ष की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों के परिजनों का निधन द्वितीया तिथि को हुआ हो, उनका श्राद्ध आज के दिन किया जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि विधि-विधान से किए गए, श्राद्ध कर्म से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। पितृ पक्ष का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को देव कार्यों की अपेक्षा पितृ कार्यों के लिए समर्पित माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान पितृ लोक से पूर्वज अपने वंशजों के पास आते हैं और श्रद्धापूर्वक किए गए तर्पण एवं श्राद्ध को स्वीकार करते हैं। इसलिए इस अवधि में पितरों की स्मृति में जल, तिल, कुश और पिंड अर्पित किए जाते हैं। धर्मग्रंथों के अनुसार जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ पितरों का स्मरण करता है, उसे पितृ दोष से मुक्ति तथा परिवार में सुख-शांति और उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। द्वितीया श्राद्ध में क्या करें? प्रातः स्नान के बाद पितरों का स्मरण करें,तिल, कुश और जल से तर्पण करें,ब्राह्मणों एवं जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं। गाय, कौए और कुत्ते को भोजन अर्पित करें,पितरों के नाम से दान-पुण्य करें,घर में सात्विक वातावरण बनाए रखें। इन बातों का रखें विशेष ध्यान पितृ पक्ष के दौरान तामसिक भोजन, नशा, क्रोध और विवाद से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में संयम, सेवा और श्रद्धा का विशेष महत्व होता है। श्राद्ध कर्म सदैव श्रद्धा और शुद्ध मन से करना चाहिए। पंडितों की राय ज्योतिषाचार्यों और धर्माचार्यों के अनुसार पितृ पक्ष केवल कर्मकांड नहीं बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। यह परंपरा परिवार और संस्कृति को जोड़ने का कार्य करती है तथा नई पीढ़ी को अपने मूल्यों और संस्कारों से परिचित कराती है। पितृ पक्ष द्वितीया श्राद्ध – एक नजर में- तिथि: आश्विन कृष्ण पक्ष द्वितीया। विशेष अवसर: द्वितीया श्राद्ध,। मुख्य अनुष्ठान: तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध। दान की वस्तुएं: तिल, अन्न, वस्त्र, दक्षिणा,धार्मिक मान्यता: पितरों की कृपा और आत्मिक शांति की प्राप्ति। विशेष संदेश: पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व। ये भी पढ़ें: Horoscope:- सोमवार का पंचांग और राशिफल जानें कैसा रहेगा आपका दिन Post navigation Previous: Horoscope:- सोमवार का पंचांग और राशिफल जानें कैसा रहेगा आपका दिनNext: Action Warning:- नगर आयुक्त ने स्मार्ट सिटी पीआईयू सेल को दिए निर्देश, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ
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