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CrimeNews:- अन्तर्राज्यीय सरगना बाबा अमरीक उर्फ मलकीत को पुलिस ने हिमाचल प्रदेश से पकड़ा 

देहरादून – दून के थाना प्रभारियों को धोखाधड़ी के अपराधों में लिप्त अपराधियों के विरुद्ध  कार्यवाही में थाना राजपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0- 76/24 धारा 420/406/467/ 468/471/120(इ) आईपीसी बनाम संजीव कुमार, संजय गुप्ता आदि जिसमें अभियुक्तों द्वारा वादी गोविंद सिंह पुंडीर को भूमि विक्रय करने के एवज में धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपए हड़प लिए गए थे।

केस पंजीकृत होने के बाद से ही अभियुक्त लगातार फरार चल रहा थे। अभियोग में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पूर्व में को गिरोह के सदस्य मौ0 अदनान पुत्र स्व0 मौ0 गुफरान को सहारनपुर, और अमजद अली पुत्र यूनुस अली, शरद गर्ग पुत्र संजीव गर्ग, साहिल पुत्र संजय कुमार को उत्तर प्रदेश व हरियाणा से तथा अभियुक्त रणवीर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

अभियोग में वांछित 02 अन्य अभियुक्तों संजीव कुमार तथा संजय गुप्ता के विरुद्ध पूर्व में न्यायालय से गैर जमानती वारंट प्राप्त कर गिरफ्तारी के प्रयास किए गए परंतु अभियुक्त के लगातार फरार रहने पर पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध 82 सीआरपीसी की कार्यवाही को न्यायालय से आदेश प्राप्त करते हुए।

यमुनानगर हरियाणा स्थित घर पर नोटिस तामिली कि कार्यवाही करते हुए अभियुक्तों के निर्धारित समयावधी में  न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत न होने पर उनके विरुद्ध न्यायालय से कुर्की वारंट प्राप्त किये गये हैं जिनकी जल्द ही तामिली की।

अभियोग के पंजीकृत होने के बाद से ही गिरोह का सरगना बाबा अमरीक लगातार फरार चल रहा था। जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस ने न्यायालय से गैर जमानती वांरट प्राप्त किये गये तथा सर्विलांस के माध्यम से अभियुक्त के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित करते हुए उसकी गिरफ्तारी हेतु लगातार गैर प्रान्तों में दबिशें दी जा रही थी।

पुलिस के लगातार किये जा रहे प्रयासों के दौरान राजपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गिरोह के सरगना बाबा अमरीक उम्र 60 वर्ष को पौन्टा साहिब हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया गया कि उसके द्वारा अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर लोगों को जमीन दिलाने के एवज में उनके साथ धोखाधडी की जाती है। अभियुक्तों द्वारा लोगों को सस्ते दामों में जमीन बेचने का लालच देकर अपने पास बुलाया जाता है।

तथा लोगों का विश्वास जीतने के लिये बाबा अमरीक द्वारा जमीन की मिट्टी को उठाकर उसे सूंघते हुए लोगों को उस जमीन उनके लिये उपयुक्त होने का विश्वास दिलाया जाता है तथा उनसे उस जमीन के एवज में मोटी धनराशि लेने के बाद तरह-तरह के बहाने बनाकर जमीन की रजिस्ट्री करने के लिये बार-बार समय लिया जाता है।

तथा मौका देखकर सभी अभियुक्त वहां से फरार हो जाते हैं और नये ग्राहक की तलाश करने लगते हैं। अभियुक्तों द्वारा अब तक विभिन्न राज्यों में कई लोगों से अरबो रू0 की धोखाधडी की गई है। जिसके सम्बन्ध में उनके विरूद्ध अलग-अलग राज्यों में धोखाधडी के डेढ दर्जन से अधिक अभियोग पंजीकृत हैं।

 

 

 

 

 

 

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