Objection:- बदरीनाथ में विशेष पूजा को लेकर रावल का ऐतराज

गोपेश्वर 7 नवम्बर 2025।

नए बोर्ड के गठन के बाद से श्री बद्रीनाथ- श्री केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

ताजा मामला बदरीनाथ के रावल अमरनाथ नंबूदरी द्वारा महाभिषेक व अन्य पूजाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर गंभीर आपत्ति जताने के बाद उठा है।

रावल की आपत्ति के बाद बीकेटीसी में हड़कंप मचा हुआ है। रावल के ऐतराज के बाद,

अब मंदिर समिति के अध्यक्ष समेत किसी भी माध्यम से आने वाले अतिथियों को सीईओ के संज्ञान में लाने के बाद ही पूजाओं में बिठाया जाएगा।

बदरीनाथ धाम में महाभिषेक व अभिषेक पूजाओं के लिए क्रमशः 4700 व 4500 रुपए का शुल्क लिया जाता है।

इसके अलावा अन्य आरतियों के लिए भी अलग शुल्क निर्धारित है। यह पूजाएं ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से बुक होती हैं।

सूत्रों के मुताबिक वीआईपी के नाम पर बड़ी संख्या में लोग बिना शुल्क दिए महाभिषेक व अभिषेक पूजाओं में बैठा दिए जाते हैं।

बिना शुल्क वाले आगे बैठ जाते हैं और जो लोग शुल्क देकर पूजा बुक करवाते हैं उन्हें पीछे बैठना पड़ता है।

बताया जा रहा है कि इस पर रावल अमरनाथ नंबूदरी ने कड़ी आपत्ति जताई है और सीईओ विजय थपलियाल से इस संबंध में वार्ता की।

रावल की नाराजगी के बाद सीईओ ने मंदिर अधिकारी समेत अन्य कार्मिकों को लिखित में एक आदेश जारी किया है,

जिसमें रावल के साथ हुई वार्ता का उल्लेख करते हुए कहा गया है,

कि मंदिर समिति के अध्यक्ष समेत किसी भी माध्यम से आने वाले अतिथियों को सीईओ के संज्ञान में लाने के बाद ही पूजाओं में बिठाया जाए।

रावल की नाराजगी के बाद धाम में दर्शनों व पूजा के नाम पर हो रहे खेल और अव्यवस्थाओं को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

हाल ही में बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ,

जिसमें सती ने कहा कि बीकेटीसी कार्मिक बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के अपने कार्यस्थल/ मुख्यालय से अनुपस्थित रहते हैं।

और सचिवालय, अन्य शासकीय कार्यालयों अथवा कैंप कार्यालय में बिना आदेश के आवागमन करते रहते हैं।

सुत्रों के अनुसार हाल में ही बीकेटीसी के एक अधिकारी को एक कर्मचारी द्वारा जान से मारने की धमकी प्रकरण भी विभाग में चर्चाओं का विषय बना हुआ है।

ये भी पढ़ें:   Sigh of Relief:- अगस्त्यमुनि के समीप गुलदार पिंजरे में कैद क्षेत्रवासियों ने ली राहत की सांस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *