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Confused :- नाटक, झूठ और पाखंड की शैली जनता को भ्रमित नहीं कर सकती- गरिमा

देहरादून 25 जून।

भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ द्वारा हाल ही में अभिनेत्री उर्मिला के साथ सार्वजनिक प्रेस वार्ता में उन्हें अपने जीवनसाथी के रूप में प्रस्तुत करना।

और फिर भारी जनदबाव पड़ने पर अपने ही बयान से पलट जाना  उनकी चरित्रहीन राजनीति और दोहरे मापदंडों का जीता-जागता प्रमाण है,ये कहना है उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी का।

सुरेश राठौड़ का कहना है कि वह दृश्य “सिर्फ एक पिक्चर का सीन” था,यह उत्तराखंड की जनता को मूर्ख समझने की कोशिश है।

अगर यह वाकई अभिनय था, तो क्या भाजपा नेताओं का हर सार्वजनिक व्यवहार अब किसी फ़िल्म की स्क्रिप्ट से प्रेरित होगा?

और यदि यह वास्तविक था, तो पार्टी द्वारा उन्हें नोटिस देना सिर्फ दिखावा क्यों है?

दसौनी ने कहा कि भाजपा ने पहले तो चुप्पी साधी, फिर जब जनमानस सत्ता रूढ़ दल के पूर्व विधायक द्वारा यूसीसी के उल्लंघन पर आक्रोशित हुआ, तब राठौर को नोटिस थमा दिया गया।

यह एक बार फिर भाजपा की अवसरवादी राजनीति और नारी सम्मान के प्रति दिखावटी गंभीरता को उजागर करता है।

दसौनी ने कहा कि जहाँ तक सुरेश राठौर द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का नाम लेकर निजी आक्षेप लगाने की बात है, कांग्रेस पार्टी स्पष्ट कर देना चाहती है कि भाजपा के पास जब कोई जवाब नहीं होता,

तो वह घिनौने व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेती है।गरिमा ने सुरेश राठौर से कहा कि वह जनता और अपनी पार्टी का ध्यान भटकाने के लिए यह सब कर रहे हैं।गरिमा ने राठौर से कहा तू इधर-उधर की ना बात कर यह बता कारवां लुटा कैसे?

दसौनी ने कहा कि हम भाजपा से पूछना चाहते हैं कि क्या यह सच नहीं कि भाजपा के कई वर्तमान और पूर्व पदाधिकारी महिलाओं के शोषण, उत्पीड़न और विवाह संबंधी विवादों में फंसे रहे हैं?

क्या यह भी सच नहीं कि भाजपा तब तक चुप रहती है जब तक जनदबाव न बढ़े?

और क्या UCC का हवाला सिर्फ तब दिया जाता है जब जनता को भ्रमित करना हो?

गरिमा ने कहा कि सुरेश राठौर जैसे नेताओं का दोहरा चेहरा भाजपा के असली चरित्र को उजागर करता है जहाँ नैतिकता सिर्फ मंच की बात है, व्यवहार में नहीं।

गरिमा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा को याद दिलाना चाहती है कि नारी सम्मान, पारिवारिक मूल्य और सार्वजनिक उत्तरदायित्व सिर्फ भाषणों से नहीं, आचरण से सिद्ध होते हैं। जनता अब सब देख और समझ रही है।

भाजपा अपने गिरेबान में झांके क्योंकि जवाब मांग रही है उत्तराखंड की जनता।

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