विकासखंड थराली की ग्राम पंचायत भटियाणा निवासी नंदी देवी ने नवंबर 2020 में सीमित संसाधनों के बीच अगरबत्ती एवं धूपबत्ती निर्माण का छोटा-सा काम शुरू किया।
मेहनत, निरंतर प्रयास और सही मार्गदर्शन के बल पर उनका यह छोटा प्रयास आज ‘तपौवन’ (Tapowan) ब्रांड के रूप में कई बाजारों तक पहुंच चुका है और लगभग ₹1 लाख प्रतिमाह के कारोबार में बदल गया है।
नंदी देवी की यह सफलता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प और ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) के प्रयासों की प्रेरक तस्वीर है।
ग्रामोत्थान परियोजना, जय माँ भवानी स्वयं सहायता समूह तथा आस्था महिला आजीविका स्वायत्त सहकारिता,
कुलसारी से जुड़ने के बाद नंदी देवी को स्वरोजगार के लिए मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और वित्तीय सहयोग मिला।
इसी सहयोग ने उन्हें अपने हुनर को व्यवस्थित व्यवसाय में बदलने का हौसला दिया।
शुरुआत आसान नहीं थी, कच्चे माल की व्यवस्था, उत्पाद तैयार करना, गुणवत्ता बनाए रखना और बाजार तलाशना उनके सामने बड़ी चुनौतियां थीं।
लेकिन नंदी देवी ने चुनौतियों को अवसर में बदला। ग्राहकों की पसंद और बाजार की मांग को समझते हुए उन्होंने अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुगंध पर लगातार काम किया।
धीरे-धीरे स्थानीय बाजार में उनके उत्पादों को पहचान मिलने लगी और ग्राहकों का भरोसा बढ़ता गया।
मांग बढ़ने के साथ नंदी देवी ने उत्पादन और बाजार का दायरा भी बढ़ाया।
भटियाणा गांव से शुरू हुआ उनका ‘तपौवन’ प्राकृतिक धूप ब्रांड अब कुलसारी, थराली, देवाल, ग्वालदम,
नारायणबगड़, कर्णप्रयाग, पौड़ी, देहरादून और ऋषिकेश सहित विभिन्न बाजारों तक पहुंच चुका है।
उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चा माल स्थानीय स्तर के साथ-साथ विभिन्न शहरों और राज्यों से मंगाया जाता है।
प्रिंटिंग सामग्री गाजियाबाद, तेल दिल्ली तथा परफ्यूम अहमदाबाद से प्राप्त किया जाता है।
अगरबत्ती एवं धूपबत्ती निर्माण में कूपम, ग्वारगम, जिगत, काऊ डंग पाउडर, वुडन धूल, चारकोल धूल, डीईपी ऑयल तथा विभिन्न प्रकार के सुगंधित तेलों का उपयोग किया जाता है।
नंदी देवी के उद्यम को विस्तार देने में ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।
परियोजना के अंतर्गत वर्ष 2024 में उन्हें ₹75 हजार की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई।
इसके अलावा व्यवसाय के विस्तार के लिए उन्होंने ₹1.50 लाख का ऋण भी लिया।
इस वित्तीय सहयोग का उपयोग कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने, उत्पादन क्षमता विकसित करने और कारोबार के विस्तार में किया गया।
मेहनत और सहयोग का परिणाम यह रहा कि आज नंदी देवी का उद्यम लगभग ₹1 लाख प्रतिमाह के कारोबार तक पहुंच चुका है।
पहाड़ के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ यह प्रयास अब एक व्यवस्थित ग्रामीण उद्यम का रूप ले चुका है।
नंदी देवी की सफलता की खास बात यह भी है कि उनका उद्यम केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहा।
उन्होंने गांव की अन्य महिलाओं कोए भी अपने साथ जोड़ा।
वर्तमान में रोशनी जोशी, रेखा देवी, नंदी देवी एवं बुदली देवी सहित अन्य महिलाएं अगरबत्ती एवं धूपबत्ती निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
उनके उद्यम से 4–5 ग्रामीण महिलाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है।
इन महिलाओं को गांव में ही काम और आय का अवसर मिल रहा है। इससे जहां महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है,
वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। नंदी देवी का यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं के लिए अपने हुनर को स्वरोजगार में बदलने की प्रेरणा बन रहा है।
नंदी देवी कहती हैं, “यदि किसी महिला को सही अवसर, उचित मार्गदर्शन और थोड़ा सा सहयोग मिले,
तो वह अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।” वह बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह और ग्रामोत्थान परियोजना से मिले सहयोग ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ अपने उद्यम को आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास भी दिया।
उनकी सफलता में उनके पुत्र पंकज का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने बाजार से संपर्क बढ़ाने,
उत्पादों की बिक्री को व्यापक बनाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने में अपनी मां का साथ दिया।
मां का हुनर और बेटे की मेहनत साथ आई तो घर से शुरू हुआ छोटा-सा कारोबार धीरे-धीरे सफल व्यवसाय में बदल गया।
नंदी देवी का लक्ष्य अब ‘Tapowan’ ब्रांड को उत्तराखंड के बाजारों से आगे देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाना है।
वह चाहती हैं कि अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाएं उनके साथ जुड़ें और अपने हुनर को व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भर बनें।
भटियाणा गांव से नवंबर 2020 में शुरू हुआ नंदी देवी का सफर आज ‘Tapowan’ के रूप में कई बाजारों तक पहुंच चुका है।
अगरबत्ती और धूपबत्ती की खुशबू के साथ यह उद्यम केवल एक उत्पाद की पहचान नहीं बना रहा,
बल्कि पहाड़ की महिला शक्ति, आत्मविश्वास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की खुशबू भी दूर-दूर तक पहुंचा रहा है।
नंदी देवी के उद्यम की खास बातें—
– उद्यम: अगरबत्ती एवं धूपबत्ती निर्माण
– ब्रांड: ‘Tapowan’
– कारोबार: लगभग ₹1 लाख प्रतिमाह
– रोजगार: 4–5 ग्रामीण महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार
– बाजार: चमोली सहित उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्र
– वित्तीय सहयोग: REAP से ₹75 हजार तथा व्यवसाय विस्तार के लिए ₹1.50 लाख ऋण
– सहयोग: ग्रामोत्थान परियोजना (REAP), स्वयं सहायता समूह एवं आजीविका स्वायत्त सहकारिता।