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Awareness Camp:- सेलाकुई में बहुउद्देशीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन, 3500 से अधिक लोगों ने किया प्रतिभाग

देहरादून 07 सितम्बर, 2026।

 उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा रविवार को जय कम्युनिटी सेंटर,

एवं पीएम शहीद सत्येन्द्र चौहान अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज, सेलाकुई में विशाल बहुउद्देशीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में 40 से अधिक सरकारी विभागों और गैर-सरकारी संस्थाओं ने अपने स्टॉल लगाकर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा हजारों लोगों को विभिन्न सेवाओं का लाभ प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता,

उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी तथा न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय आर.के. खुल्बे,

सदस्य सचिव उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रदीप कुमार मणि, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान,

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल सहित न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन देहरादून के अध्यक्ष अनिल कुकरेती, सचिव अजय बिष्ट तथा जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के कलाकारों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत एवं लोक नृत्य की प्रस्तुति दी।

वहीं एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) द्वारा नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया गया।

अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने एएनटीएफ के कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने नशे के दुष्परिणामों को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है।

उन्होंने उपस्थित जनसमूह को नशा मुक्ति की शपथ दिलाते हुए कहा कि नई पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया ताकि युवा वर्ग नशे की चपेट में न आए।

शिविर के दौरान शिक्षा और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न सामग्रियों का वितरण भी किया गया।

न्यायमूर्तियों द्वारा चार विद्यालयों को कंप्यूटर, यूपीएस और प्रिंटर, पांच विद्यालयों को आरओ वाटर प्यूरीफायर प्रदान किए गए।

साथ ही वर्ष 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट वितरित किए गए।

इसके अतिरिक्त जरूरतमंद लोगों को स्कूल बैग, स्टेशनरी, ट्रैक सूट, कंबल, मेडिकल किट, महालक्ष्मी किट और बेबी किट प्रदान की गईं।

दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, बैसाखी, वॉकर और श्रवण यंत्र भी वितरित किए गए। शिविर की स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग देने वाले 12 पर्यावरण मित्रों को भी सम्मानित किया गया।

सामग्री वितरण के बाद मुख्य न्यायाधीश ने विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया।

स्वास्थ्य शिविर का विशेष रूप से अवलोकन किया गया, जहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुगर, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और ईसीजी जांच के साथ निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने बताया कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्ग तक न्याय, विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि शिविर में विभिन्न विभागों की योजनाओं से 2000 से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हुए, जबकि करीब 3500 से अधिक लोगों ने शिविर में प्रतिभाग कर विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाया।

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