मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भगवान धन्वन्तरि की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के आरोग्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और जीवन दर्शन का महत्वपूर्ण अंग है।
हजारों वर्षों से आयुर्वेद मानव स्वास्थ्य की रक्षा और रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने और विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए आयुर्वेद की उपयोगिता और अधिक बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने का विज्ञान है।
यह शरीर, मन और आत्मा के समग्र स्वास्थ्य पर बल देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और सम्मान मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व के अनेक देश आयुर्वेद को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं,
और इसकी वैज्ञानिकता तथा प्रभावशीलता को स्वीकार कर रहे हैं।
उत्तराखंड जैसे औषधीय पौधों और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य में आयुर्वेद के विकास की अपार संभावनाएं हैं।
राज्य सरकार आयुष और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने आयुर्वेद दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, योग एवं आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने भगवान धन्वन्तरि से प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना भी की।