राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद की सचिव मीनू शुक्ला पाठक तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आज देहरादून पहुंची।
अपने दौरे के प्रथम दिवस उन्होंने केंद्र सरकार की सहकारिता मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
सचिव ने उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में राज्य की प्रमुख सहकारी संस्थाओं राज्य सहकारी संघ,
राज्य सहकारी बैंक, रेशम फेडरेशन, मत्स्य सहकारी संघ तथा दुग्ध संघ की प्रगति रिपोर्ट देखी।
बैठक के दौरान अपर निबंधक ईरा उप्रेती एवं आनंद शुक्ल ने सभी संस्थाओं के कार्यकलापों की जानकारी डॉक्यूमेंट्री प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत की,
उन्होंने राज्य की विशिष्ट सहकारी गतिविधियों, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं से सचिव महोदय को अवगत कराया।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने राज्य के सहकारी क्षेत्र की व्यावहारिक चुनौतियों पर भी चर्चा की।
अपर निबंधक ने बताया गया कि भारत सरकार की अन्न भंडारण योजना के लिए उत्तराखंड में भूगोल एवं भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप मानक क्षमता वाली भूमि का अभाव है।
अतः योजना की क्षमता को राज्य की परिस्थिति के अनुसार संशोधित करने का सुझाव दिया गया।
इसके साथ ही बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के गठन हेतु राज्य की भौगोलिक व आर्थिक स्थिति के अनुरूप टारगेट निर्धारण की मांग रखी गई।
साथ ही कृषि मंत्रालय एवं NCDC द्वारा संचालित योजनाओं को सुचारू रूप से लागू करने तथा मत्स्य सहकारी संस्थाओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने पर भी बल दिया गया।
सचिव ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि इन विषयों को मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक के दौरान सचिव मीनू शुक्ला पाठक ने उत्तराखंड रेशम फेडरेशन की “कंप्लीट वैल्यू चेन” एवं “वेस्ट से बेस्ट” मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य के सहकारिता क्षेत्र की नवाचारपूर्ण पहल है।
उन्होंने राज्य सरकार की घसियारी कल्याण योजना की भी प्रशंसा की और कहा कि
“यह उत्तराखंड की अनूठी योजना है, जिसे देशभर में एक मॉडल के रूप में विस्तार दिया जाना चाहिए।”
अपर निबंधक आनंद शुक्ल ने कहा कि “राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद सचिव का यह दौरा उत्तराखंड की सहकारी संस्थाओं के लिए प्रेरक है।
सचिव के मार्गदर्शन से राज्य की सहकारी इकाइयों को नई दिशा मिलेगी।
हम उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार योजनाओं को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी रूप में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
तीन दिवसीय भ्रमण के दौरान सचिव सहसपुर दुग्ध समिति, साइलेंज प्लांट तथा हरिद्वार स्थित विभिन्न सहकारी संस्थाओं का निरीक्षण करेंगी।
साथ ही DCDC की बैठक में भी सम्मिलित होंगी।
इस अवसर पर , महाप्रबंधक रेशम फेडरेशन मतवार सिंह कंडारी, राज्य सहकारी बैंक से आकांक्षा कंडारी,
उपनिदेशक मत्स्य प्रमोद कुमार शुक्ल, तथा राज्य सहकारी संघ के महाप्रबंधक सुमन कुमार सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सचिव का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं रेशम फेडरेशन द्वारा निर्मित उत्पादों की स्मृति भेंट के साथ किया गया।