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Sensitive:- समाधान दिवस पर 169 शिकायतें, कई का मौके पर समाधान, जनता की तकलीफ पर संवदेनशील दिखे डीएम

देहरादून 06 जुलाई 2026।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया।

दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे 169 फरियादियों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी गंभीर समस्याएं रखीं।

डीएम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया,

जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।

 समाधान दिवस में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, अतिक्रमण, आपदा क्षतिपूर्ति और पारिवारिक प्रताड़ना से जुड़े मामले प्रमुखता से छाए रहे।

मामलों की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया।

अधोईवाला निवासी नितिन कुमार ने शिकायत की कि दुग्ध संघ में कार्यरत उनकी माता को बार-बार चक्कर काटने के बाद भी एसीपी का भुगतान नहीं किया गया है।

इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीएम ने दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (आंचल डेयरी), रायपुर रोड के प्रबंधक के वेतन आहरण पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए और पीड़ित को तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।

मेहूँवाला में सरकारी नहर पर दीवार बनाकर किए गए अवैध कब्जे की शिकायत पर एसडीएम को तत्काल मौके पर जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

छिद्दरवाला व कृसाली में जनजाति की भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा जबरन कब्जा कर प्लाटिंग करने और एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की खरीदी हुई जमीन की बाउंड्रीवॉल तोड़कर कब्जा करने के मामलों में एसडीएम ऋषिकेश और तहसीलदार को तुरंत कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट स्थित ऐतिहासिक खुर्जा वाली धर्मशाला की भूमि पर एमडीडीए व प्रशासन के आदेशों की अवहेलना कर किए जा रहे अवैध निर्माण पर एसडीएम को तुरंत कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए।

बंजारावाला की 61 वर्षीय बुजुर्ग शकुंतला द्वारा बहू-बेटों की प्रताड़ना की शिकायत पर एसडीएम सदर को ‘भरण-पोषण अधिनियम’ के तहत दर्ज वाद पर तत्काल सुनवाई कर राहत देने के निर्देश दिए गए।

वहीं, चुक्खूवाला के एक अन्य बुजुर्ग दंपत्ति को सुरक्षा दिलाने के लिए सीओ पुलिस और तहसीलदार को जिम्मेदारी सौंपी गई।

बच्चों के पालन-पोषण के लिए शराब की लत से ग्रसित पति की संपत्ति अपने नाम कराने की मांग लेकर आई महिला की मदद के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को पूरे परिवार की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए गए।

दहेज के कथित झूठे मुकदमे और 40 लाख रुपये की डिमांड से परेशान अम्बीवाला निवासी तारा वती के मामले को महिला प्रकोष्ठ को सौंपते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए।

जनता दरबार में उत्तराखंड प्राविधिक विश्वविद्यालय (सुद्धोवाला) में बीटेक कर रही एक छात्र की फीस के लिए आर्थिक सहायता,

एक दिव्यांग महिला द्वारा गुजारे के लिए मदद और कुडियाल निवासी महिला द्वारा अपनी बेटी की तृतीय सेमेस्टर की पढ़ाई जारी रखने के लिए ‘नंदा सुनंदा’ से दोबारा आर्थिक सहायता की गुहार लगाई गई, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर त्वरित विचार करने का आश्वासन दिया गया।

इसके अतिरिक्त, देवपुरम में सड़क निर्माण न होने से आवागमन की असुविधा पर नगर आयुक्त और बंजारावाला में अव्यवस्थित हॉट बाजार को हटाने व रेहड़ी-फड़ वालों के सत्यापन के लिए सीओ पुलिस को निर्देशित किया गया।

जिलाधिकारी ने समाधान दिवस पर प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए।

इस दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज जन शिकायतों का भी प्राथमिकता पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी, एसडीएम अपूर्वा सिंह,

एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह,

जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, तहसीलदार सुरेन्द्र देव, तहसीलदार विवेक राजौरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से एसडीएम व अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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