भारत के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 2026 को सड़क सुरक्षा, डिजिटलीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष घोषित किया है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में, मंत्रालय ने कई नए नियम और सुधार लागू किए हैं,
जिनका उद्देश्य देश में सालाना होने वाली लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाओं और 1.8 लाख मौतों को कम करना है।
इन बदलावों में दो-पहिया वाहनों के लिए अनिवार्य ABS, बैरियर-फ्री टोलिंग, मोटर व्हीकल एक्ट में 61 संशोधन,
और प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का पूरा होना शामिल है। आइए इन नियमों पर विस्तार से नजर डालते हैं।
1. दो-पहिया वाहनों पर ABS और हेलमेट की अनिवार्यता
जनवरी 2026 से, भारत में बिकने वाले सभी नए दो-पहिया वाहनों (बाइक और स्कूटर) पर एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) अनिवार्य कर दिया गया है,
चाहे इंजन क्षमता कितनी भी हो।046a58 पहले यह नियम केवल 125cc से ऊपर के वाहनों पर लागू था, लेकिन अब इसे सभी पर विस्तारित किया गया है।
इस बदलाव का मुख्य कारण ब्रेक लगाने के दौरान स्किडिंग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है, जो दो-पहिया वाहनों में मौतों का प्रमुख कारण है।
इसके अलावा, डीलरों को हर नए वाहन के साथ दो BIS-सर्टिफाइड हेलमेट प्रदान करने होंगे – एक राइडर के लिए और एक पिलियन पैसेंजर के लिए।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सिर की चोटों से होने वाली मौतों में कमी आएगी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “यह कदम सरकार की व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जो भारतीय सड़कों पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करेगा।
हालांकि, कुछ निर्माताओं ने एंट्री-लेवल मॉडलों की कीमत बढ़ने की चिंता जताई है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इससे बचाई जाने वाली जानों का मूल्य इससे कहीं अधिक है। मंत्रालय जल्द ही विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगा।
2. बैरियर-फ्री टोलिंग: बिना रुके टोल संग्रह
2026 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बैरियर-फ्री टोलिंग को पूरे देश में लागू किया जा रहा है। इसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे,
AI-आधारित एनालिटिक्स और RFID-सक्षम FASTag रीडर्स का उपयोग होगा। वाहन टोल प्लाजा पर रुकेंगे नहीं; टोल की गणना ऑटोमैटिक रूप से होगी।
उल्लंघन पर ई-नोटिस भेजा जाएगा, और FASTag सस्पेंड किया जा सकता है।
इससे टोल संग्रह की लागत 15% से घटकर 3% हो जाएगी, जिससे सालाना 8,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।
2025 में राहत के रूप में प्राइवेट वाहनों के लिए वार्षिक FASTag पास शुरू किए गए हैं (200 प्लाजा तक 3,000 रुपये में)।
यह नियम यात्रा को तेज और कुशल बनाएगा, खासकर व्यस्त राजमार्गों पर।
3. मोटर व्हीकल एक्ट में 61 संशोधन: सुरक्षा और डिजिटलीकरण पर जोर
मोटर व्हीकल एक्ट में 61 प्रमुख संशोधन प्रस्तावित हैं, जो 2026 के बजट सत्र में संसद में पेश किए जाएंगे।291cc0 इनमें शामिल हैं:
सड़क सुरक्षा मानक: नए वाहनों में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), क्रैश टेस्टिंग, सीटबेल्ट रिमाइंडर, और चाइल्ड सेफ्टी फीचर्स अनिवार्य।
वाहन-टू-वाहन (V2V) कम्युनिकेशन तकनीक से रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग होगी, जो दुर्घटनाओं को रोकेगी।
डिजिटल सुधार: वाहन रजिस्ट्रेशन, फिटनेस सर्टिफिकेट, और इंश्योरेंस के लिए डिजिटल परमिट्स और ऑनलाइन सिस्टम।
छोटे ट्रैफिक उल्लंघनों (जैसे दस्तावेज न ले जाना) को डीक्रिमिनलाइज किया जाएगा, और सिविल पेनाल्टी लगाई जाएगी।
दंड और प्रवर्तन: ड्रंक ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और हिट-एंड-रन के लिए सख्त दंड, जैसे भारी जुर्माना और लाइसेंस सस्पेंशन।
AI-पावर्ड सर्विलांस और ई-चालान सिस्टम लागू होंगे।
पर्यावरणीय बदलाव: उत्सर्जन मानकों को सख्त बनाना, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को प्रोत्साहन, और ग्रीन मोबिलिटी के लिए इंसेंटिव।
2030 तक दुर्घटनाओं में 50% कमी का लक्ष्य।इसके अलावा, ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए पॉइंट्स-बेस्ड सिस्टम शुरू किया जाएगा,
और माल वाहनों के लिए डिजिटल परमिट्स ऑटोमेटेड होंगे।
4. नया रोड सेफ्टी बिल और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं
पिछले प्रयासों के बाद, नया रोड सेफ्टी बिल संसद में पेश किया जाएगा, जो दुर्घटनाओं की संख्या कम करने पर केंद्रित है।
साथ ही, प्रमुख एक्सप्रेसवे पूरे हो रहे हैं: दिल्ली-मुंबई (नवंबर 2026), अमृतसर-जामनगर (दिसंबर 2026), बेंगलुरु-चेन्नई (जून 2026), आदि।
321131 जोजिला टनल (एशिया की सबसे लंबी) अप्रैल 2026 में उद्घाटित होगी, जो श्रीनगर-लेह यात्रा को 3 घंटे से घटाकर 20 मिनट कर देगी।
5. अन्य सुधार: डिजिटलीकरण और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट
100+ ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट सर्विसेज का स्टैंडर्डाइजेशन, जैसे NOC और ओनरशिप ट्रांसफर।
वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी का विस्तार, पुराने वाहनों के लिए इंसेंटिव।
कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम दुर्घटना पीड़ितों के लिए, और सड़क सुरक्षा मित्र (SSM) कार्यक्रम युवा वॉलंटियर्स के साथ।
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ई-एनफोर्समेंट के लिए कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर्स।
ये नियम आम नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेंगे, लेकिन व्यवसायों को नए मानकों के अनुपालन के लिए तैयारी करनी होगी।
मंत्रालय ने कहा कि ये बदलाव सहकारी संघवाद को मजबूत करेंगे और डेटा-ड्रिवन नीतियां बनाएंगे। अधिक जानकारी के लिए MoRTH की आधिकारिक वेबसाइट देखें।