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Inauguration:- सीएम योगी ने किया किसान मेले का उद्घाटन, कहा- आत्मनिर्भरता से ही विकसित होगा उत्तराखंड

पौड़ी गढ़वाल – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे, जहां उन्होंने यमकेश्वर स्थित गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उन्होंने अपने गुरु महंत अवेद्यनाथ जी महराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका आशीर्वाद लिया। साथ ही, देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

किसान मेले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और आधुनिक कृषि तकनीकों को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की कृषि को आत्मनिर्भर और उन्नत बनाने के लिए इस प्रकार के आयोजनों का महत्वपूर्ण योगदान है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की पावन भूमि को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार के सहयोग से यह महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखंड के जीवतंत्र कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का विशेष उल्लेख किया और बताया कि यह विश्वविद्यालय देश का पहला ऐसा संस्थान है जो कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि 1960 में उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत के नाम पर इस विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी, जब देश में खाद्यान्न संकट था।

इस विश्वविद्यालय ने हरित क्रांति को बढ़ावा देकर देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी की अन्न योजना का जिक्र करते हुए बताया कि आज 80 करोड़ से अधिक लोगों को सरकार मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि, खाद्यान्न सुरक्षा से बड़ी कोई गारंटी इस दुनिया में नहीं हो सकती।

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सीएम योगी ने स्थानीय किसानों से अपील की कि वे अपनी मूल कृषि परंपराओं को छोड़कर केवल भौतिक विकास पर निर्भर न रहें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेती योग्य भूमि बंजर होती जा रही है, जिसे बागवानी और सब्जी उत्पादन के माध्यम से पुनः उपजाऊ बनाया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि अगर किसान अपनी जमीन का सही उपयोग करें और कृषि विश्वविद्यालयों तथा अन्य संस्थानों की मदद से आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं और उत्तराखंड को खुशहाल बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा में इसके योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्य की कृषि और समृद्धि केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी जरूरी है।

उन्होंने स्थानीय युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार के लिए पलायन न करें बल्कि अपनी भूमि पर ही उन्नत कृषि और अन्य उत्पादक कार्यों में संलग्न हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को जल संरक्षण, वेलनेस सेंटर और आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रगति करनी चाहिए। उन्होंने नशामुक्त समाज की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को पूरी तरह नशामुक्त करने के लिए व्यापक अभियान चलाए जाने चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने सिंचाई और कनेक्टिविटी को लेकर भी कई योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण के लिए बेहतर सुविधाएं शुरू की जा रही हैं और शिक्षा के क्षेत्र में नए संस्थान खोले जा रहे हैं।

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जुलाई से महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू किया जाएगा और स्टेडियम निर्माण कार्य भी तेज गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में बकरी पालन और कुक्कुट पालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया और कहा कि यह किसानों के लिए एक बेहतर आय का स्रोत बन सकता है। उन्होंने बताया कि इस किसान मेले में कुछ किसानों को बकरी और उन्नत बीज भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि, “बकरी का दूध फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों को कम करने में सहायक होता है और इससे किसान आर्थिक रूप से भी मजबूत हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने “लोकल फॉर वोकल” अभियान पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर ही हम आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता केवल एक विचार नहीं बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवभूमि उत्तराखंड के लोगों से अपील की कि वे अपनी परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाएं और कृषि क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित करें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भारत का मुकुट है। यहां की समृद्धि केवल राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा और विकास के लिए भी आवश्यक है। हमें मिलकर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए कार्य करना होगा।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गुरु गोखनाथ महाविद्यालय में स्थापित महंत अवेद्यनाथ जी महराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान सीएम योगी ने उन्होंने महाविद्यालय से जुड़ी यादों को ताजा करते हुए कहा कि इस महाविद्यालय की स्थापना में मेरे गुरू महंत अवेद्यनाथ जी और पिता आनंद सिंह विष्ट ने कड़ी मेहनत की है।

सीएम योगी ने यहां जनरल बिपिन रावत मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा स्थापित देश के पहले सीडिएस जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि के सपूत जनरल बिपिन रावत जी देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे।

उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाने के लिए और देश में जगह-जगह उनका स्मारक बनाने के लिए जनरल बिपिन रावत मेमोरियल फाउंडेशन को बधाई का पात्र है। इस महाविद्यालय हमारे पिता की स्मृतियों को बनाए रखने के लिए देश के आन बान शान का प्रतीक 100 फिट ऊंचा तिरंगा फहराने के लिए फाउंडेशन को धन्यवाद देता हूं।

इस दौरान उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महराज, धनसिंह रावत, जीवी पंत कृषि एवं प्रौग्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति मनहोहन सिंह चौहान, विधायन रेनू विष्ट, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी, जनरल बिपिन रावत मेमोरियल फाउंडेशन के सचिव मंजीत सिंह नेगी, गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय के प्रचार्य योजेश कुमार शर्मा समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।

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