चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत और श्राद्ध पक्ष के चलते उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों की आवाजाही एक बार फिर बढ़ने लगी है।
बदरीनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही यात्रा मार्गों पर वाहनों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
दूसरी ओर लंबे वीकेंड के कारण देहरादून-मसूरी मार्ग पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से यातायात व्यवस्था को लेकर परिवहन विभाग भी सतर्क हो गया है।
आरटीओ देहरादून संदीप सैनी के अनुसार पिछले छह-सात दिनों के दौरान तपोवन चेकपोस्ट पर वाहनों का फ्लो काफी बढ़ा है।
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ यात्रा मार्ग पर वाहनों की संख्या में भी इजाफा दर्ज किया जा रहा है।
विभाग की ओर से चेकपोस्ट और प्रमुख मार्गों पर यातायात की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
लंबे वीकेंड में मसूरी रूट पर बढ़ा दबाव
लंबे वीकेंड के दौरान देहरादून से मसूरी जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली।
कुठालगेट से मसूरी की ओर जाने वाले मार्ग पर बड़ी संख्या में बसों और टेंपो ट्रैवलरों के पहुंचने से कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बनी।
इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी यातायात संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिवहन विभाग के मुताबिक चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के कारण आने वाले दिनों में भी प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बने रहने की संभावना है।
ऐसे में यातायात को नियंत्रित रखने के लिए विभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।
चेकपोस्ट व्यवस्था में बदलाव, वीकेंड पर विशेष टीमें रहेंगी तैनात
आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि ट्रैफिक को सामान्य बनाए रखने के लिए चेकपोस्ट व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
आगामी वीकेंड को देखते हुए परिवहन विभाग की टीमें प्रमुख स्थानों पर तैनात रहेंगी।
अधिकारियों को वाहनों की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार तत्काल यातायात प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जरूरत पड़ी तो मसूरी के बजाय दूसरे रूट पर भेजे जाएंगे बड़े वाहन
विभाग ने यातायात दबाव को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की है।
यदि कुठालगेट-मसूरी मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक बढ़ता है तो बड़ी बसों और टेंपो ट्रैवलरों को मसूरी की ओर भेजने के बजाय विकासनगर-कट्टापत्थर रूट से डायवर्ट किया जा सकता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मसूरी मार्ग पर बड़े वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना और यातायात को सुचारु बनाए रखना है।
परिवहन विभाग का कहना है कि मौके की स्थिति के अनुसार डायवर्जन का फैसला लिया जाएगा।
यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा पर फोकस
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहाड़ों की ओर जाने और वीकेंड पर पर्यटकों के मसूरी पहुंचने के कारण परिवहन विभाग के सामने यातायात प्रबंधन की दोहरी चुनौती है।
विभाग का कहना है कि यात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
अधिकारियों के मुताबिक यात्रा मार्गों, चेकपोस्ट और प्रमुख पर्यटक मार्गों पर वाहनों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जरूरत के अनुसार यातायात को नियंत्रित करने, वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर भेजने और अतिरिक्त टीमों की तैनाती जैसे कदम उठाए जाएंगे।