उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल एक बार फिर हादसे का गवाह बनी है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गुरुवार तड़के करीब 2:00 बजे टनल के भीतर कंक्रीट (शॉटक्रीट) लाइनिंग का एक हिस्सा टूटकर गिर गया,
जिसकी चपेट में आने से झारखंड निवासी 21 वर्षीय एक श्रमिक की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रारंभिक सूचना के अनुसार हादसा बड़कोट साइड से लगभग 900 मीटर अंदर हुआ।
मृतक श्रमिक निर्माण कार्य में जुटा हुआ था, तभी लाइनिंग का ब्लॉक अचानक भरभराकर गिर पड़ा।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों और अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन श्रमिक को बचाया नहीं जा सका।
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों और अन्य तथ्यों की पुष्टि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी।
पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा था सिल्क्यारा टनल हादसा-
सिल्क्यारा टनल इससे पहले 12 नवंबर 2023 को हुए बड़े हादसे के कारण पूरे देश में चर्चा का केंद्र बनी थी।
उस समय टनल का एक हिस्सा ढह जाने से 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे।
करीब 17 दिनों तक चले देश के सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।
उस बचाव अभियान में भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, एनएचआईडीसीएल,
अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञों और कई केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से काम किया था।
‘रैट माइनर्स’ की मदद से अंतिम चरण में मलबा हटाकर सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इस अभियान की देश-विदेश में सराहना हुई थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल-
ताजा हादसे के बाद एक बार फिर टनल निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि टनल के भीतर शॉटक्रीट लाइनिंग का गिरना गंभीर तकनीकी विषय है और इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है।
यह भी देखा जाएगा कि लाइनिंग के गिरने के पीछे निर्माण गुणवत्ता, भूगर्भीय दबाव, तकनीकी खामी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।
जांच रिपोर्ट का इंतजार-
फिलहाल प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड ने कहा है कि घटना की विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों, जिम्मेदारी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदमों की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
इस ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर सिल्क्यारा टनल परियोजना में श्रमिकों की सुरक्षा और निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके।