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DehradunNews:-युवाओं को देश में 1जुलाई से लागू होने वाले नए क़ानून के बारे में बताते सब इंस्पेक्टर

देहरादून -एक जुलाई से महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाले नए कानून के बारे में युवाओं को इस कानून के बारे में जानकारी देते शहर कोतवाली के सब इंस्पेक्टर। उन्होंने बताया कि पुराने कानून में बदलाव होने जा रहे हैं।

हमारे देश के कानून को आप भी जाने,देश जैसे-जैसे नए वित्तीय वर्ष में प्रवेश कर रहा है, वैसे ही 1 जुलाई से  नए कानून लागू होने वाला हैं, जिनका उद्देश्य जीवन के विभिन्न पहलुओं में महत्वपूर्ण बदलाव लाना है।

हाल ही में संसद से पारित किए गए ये कानून देश के समग्र शासन, अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण को बेहतर बनाने के लिए बनाए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होगा।

 जुलाई 24 से लागू होने वाले तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के संबंध में  विस्तारपूर्वक नए कानूनों की आवश्यकता है, इन्हें बनाने को किये गये प्रयासों और इनकी विशेषताओं के बारे में जानकारी देते।

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  सब इंस्पेक्टर ने कहा कि नये कानूनों में जो प्राविधान किये गये हैं, इन कानूनों के लागू होने के बाद प्रदेश में इनका सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। नये कानूनों की आवश्यकता के बारे में बताते। उन्होंने कहा कि पूर्व के कानून बहुत जटिल थे, जिसके कारण भारतीय नागरिकों को न्याय पाना एवं आवाज उठाना पाना कठिन था। सहिंता का उद्देश्य ब्रिटिश शासन को बढ़ावा देना तथा भारतीय नागरिकों का दमन करना था।

पूर्ववर्ती कानूनों के फलस्वरूप न्यायालय में लंबित मामलों की बड़ी संख्या, दोषसिद्धि की कम दर, पीड़ित की असंतुष्टि एवं अपराधी पर अपूर्ण कार्यवाही रहा। इसी के मद्देनजर नए कानूनों को बनाने की आवश्यकता महसूस की गई। 25 दिसंबर 2023 को नए आपराधिक कानूनों के बिल को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली।

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देश में 1 जुलाई 2024 से इन्हें लागू किया जाना प्रस्तावित है। कानून के गठन हेतु 18 राज्य, 6 केंद्र शासित प्रदेशों, सुप्रीम कोर्ट, 16 उच्च न्याययियों, 5 न्यायिक अकादमियों, 22 कानून विवि, 142 संसद सदस्यों, लगभग 270 विधायकों को जनता द्वारा दिये गए सुझावों के आधार पर 4 वर्ष में गहन परीक्षण कर इन्हें तैयार किया गया है।

नए कानूनों का तीन मुख्य तथ्यों न्याय, समानता एवं निष्पक्षता को केंद्रित कर गठन किया गया है। भारतीय न्याय सहिंता 2023 में कुल 358 धाराएं होंगी जबकि वर्तमान कानून में यह 511 हैं। जिसमे 21 नई धाराओं को जोड़ा गया है, 41 धाराओं में सजा को बढ़ाया गया है। 82 धाराओं में फाईन को बढ़ाया गया है।

25 धाराओं में न्यूनतम सजा का प्राविधान, 06 धाराओं में सामुदायिक अपराधों को जोड़ा गया है एवं 19 धाराओं को हटाया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिंता 2023 में 531 धाराएं होंगी जबकि वर्तमान कानून में यह 484 है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 में कुल 170 धाराएं हैं, वर्तमान कानून में 166 धाराएं हैं।

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नागरिकों पर प्रभाव

नए कानूनों का नागरिकों के दैनिक जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। जबकि कुछ कानूनों का उद्देश्य राहत और लाभ प्रदान करना है, अन्य कानून अनुपालन को विनियमित और बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं। नागरिकों को किसी भी कानूनी निहितार्थ से बचने के लिए नए कानूनों से परिचित होने की सलाह दी जाती है।

निष्कर्ष

1 जुलाई से लागू होने वाले नए कानून देश के शासन, अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। हालाँकि कुछ शुरुआती समस्याएँ हो सकती हैं, लेकिन सरकार इन कानूनों के सुचारू संक्रमण और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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