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RudraprayagNews:-राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा शुरू, 21 लोगों ने लिया नेत्रदान का संकल्प

रुद्रप्रयाग -राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में 39वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा शुरू हो गया। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में नेत्रदान के प्रति जनमानस में जागरूकता पर जोर दिया गया, वहीं पखवाड़े के पहले दिन 21 लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लेते हुए शपथ पत्र भरा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में आयोजित गोष्ठी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 विमल सिंह गुसाईं ने कहा कि कहा कि नेत्र के एक हिस्से कार्निया का प्रत्यारोपण कर नेत्रहीन के जीवन को रोशन किया जा सकता है, लेकिन दुर्भाग्य से कार्निया की भारी कमी है।

नेत्रदान नेक कार्य है और इसके माध्यम से ही नेत्रहीनों को दृष्टि का अमूल्य उपहार दिया जा सकता है। बताया कि नेत्रदान के प्रति जनमानस में जागरूकता फैलान के उद्देश्य से ही 25 अगस्त से 08 सितंबर तक 39 वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नेत्रदान पखवाड़े के तहत जिला चिकित्सालय में नेत्र शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा ब्लाक स्तर पर दृष्टिमितिज्ञ अपने क्षेत्र में समुदाय के मध्य शिविर का आयोजन करेंगे।

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वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की स्वास्थ्य टीमों द्वारा अपने भ्रमण किए जाने वाले स्कूल अथवा आंगनबाड़ियों तथा एएनएम व आशा द्वारा अपने क्षेत्र में नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।

गोष्ठी में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा0 आशुतोष ने कहा कि नेत्रदान मृत्यु के बाद होता है और आंख 6 से 8 घंटे के बीच ली जानी होती है, नेत्रदान लेने के लिए चिकित्सक द्वारा स्वयं घर जाकर नेत्र निकाले जाते हैं।

जो कि निःशुल्क होते हैं, किसी भी उम्र का कोई भी व्यक्ति मृत्यु से पूर्व स्वंय की मृत्यु होने पर नेत्रदान की प्रतीज्ञा कर सकता है, जरूरी बात यह है कि उसकी आंख की कार्निया साफ और स्वस्थ होनी चाहिए। मधुमेह का रोगी भी नेत्र दान कर सकता है।

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यदि किसी व्यक्ति द्वारा जीवन में नेत्रदान की घोषणा न की गई हो तो भी नेत्रदान किया जा सकता है उसके किसी भी संबंधी को नेत्रदान का अधिकार है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन लोग पुनः दुनिया देख सकते हैं।

उन्होंने नेत्र सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए वर्ष में एक बार नेत्र विशेषज्ञ से अपने नेत्रों की जांच अवश्य करवाने, बच्चों को नुकीली वस्तुओं क खिलौनो से दूर रखने, आई फ्लू होने पर नेत्र विशेषज्ञों से परामर्श लेने व चिकित्सकीय परामर्श के बगैर कोई दवा न लेने की अपील की गई।

ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डा0 शाकिब हुसैन ने नेत्रदान के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि नेत्रदान से संबंधित जानकारी के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4770 या हेल्थ हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है। नेत्रदान पखवाड़े के पहले दिन 21 लोगों द्वारा नेत्रदान का संकल्प लेते हुए नेत्रदान शपथ पत्र भरा।

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इस अवसर पर काउंसलर आर के एस के विपिन सेमवाल, जयवीर बिष्ट, प्रवीन पुरोहित, हरेंद्र सिंह नेगी, कलम सिंह, मुकेश बगवाड़ी, आशीष उनियाल, अनुपम रावत, अरविंद अणथ्वाल, विजय रावत, नागेश्वर बगवाड़ी, सतीश नौटियाल आदि मौजूद रहे।

 

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